Coconut water: यह वही कोकोनट वाटर है जो आजकल हर फिटनेस फ्रीक की पसंदीदा विकल्प बन गया है। जिम, पार्क, सुबह की वॉक, या शाम की कैजुअल घूमने में, हर किसी के हाथ में एक ग्रीन नारियल पानी से भरा हुआ टेंडर कोकोनट नजर आ जाएगा। यह आज के स्वस्थ जीवनशैली का एक प्रतीक बन चुका है। लेकिन क्या आपको पता है कि रिसर्च के अनुसार, कोकोनट वाटर के भी कुछ अनचाहे पहलू हो सकते हैं। अधिक कोकोनट वाटर का सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं तो ध्यान देना जरूरी है.
क्या कोकोनट वाटर इतना ही स्वस्थ है जितना हम सोचते हैं?
जब बात होती है हेल्दी ड्रिंक्स की, तो सबसे पहले हम सभी के मन में उठता है कोकोनट वाटर(Coconut water) का नाम। अक्सर सुना होगा कि कोकोनट वाटर नेचर का स्पोर्ट ड्रिंक होता है, इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और हाइड्रेशन के लिए लाजवाब है। यह मिनरल्स का भी खजाना है, एनर्जी का बूस्ट देता है, स्किन को सुंदर और जवान बनाए रखता है, बालों के लिए भी फायदेमंद है, और डाइजेशन के लिए भी एकदम परफेक्ट चीज है।
हालांकि, कोकोनट वाटर के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, नारियल पानी पीने से पेट साफ होता है, लेकिन यदि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम सेंसिटिव है, तो यह डायरिया या लूज मोशन का कारण बन सकता है। यह आपके पेट को अत्यधिक एक्टिवेट कर सकता है, जिससे आपको पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, संभलकर यूज करें।
हो सकता हे डायरिया और लूज मोशंस !
कोकोनट वाटर में मौजूद लैक्सेटिव गुण के कारण डायरिया और लूज मोशंस की समस्या हो सकती है। अगर आपको पहले से ही कुछ पेट संबंधी समस्याएं हैं, जैसे कमजोरी या लूज मोशंस, तो आपको कोकोनट वाटर का सेवन नहीं करना चाहिए। आप अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं और उनकी सलाह पर ही कोकोनट वाटर का सेवन करना चाहिए, और यदि करना भी हो, तो हमेशा थोड़ी कम मात्रा में ही करें।
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डायरिट इफेक्ट का बढ़ सकता हे खतरा
कोकोनट वाटर के अधिक सेवन से डायरिट इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है। “डायरिट” का मतलब होता है ऐसे पदार्थ जो आपको बार-बार पेशाब जाने और वॉशरूम भागने के लिए मजबूर कर सकते हैं। अगर आप एक गिलास नारियल पानी पीते हैं और उसके बाद आपको हर आधा घंटे या हर एक घंटे में वॉशरूम जाना पड़े, तो आपके लिए यह समस्या हो सकती है। यह थोड़ा सा आपके लिए परेशानी भरा भी हो सकता है, और कई बार हम किसी ऐसी जगह पर होते हैं जहां ऐसा करना संभव नहीं होता है।
नारियल पानी में मौजूद नेचुरल इंग्रेडिएंट्स आपकी किडनीज को सिग्नल देते हैं कि बॉडी से अधिक फ्लूइड को बाहर निकाला जाए। यह सुनने में बड़ा अच्छा लगता है कि पेशाब आपको बार-बार आ रहा है, क्योंकि बॉडी डिटॉक्स हो रही है, लेकिन वास्तव में यह तब अच्छा होता है जब आपको अतिरिक्त फ्लूइड से छुटकारा पाना हो। लेकिन नॉर्मल इंसान के लिए इसका कोई भी मतलब नहीं होता है। वैसे, थोड़ा-बहुत कभी-कभी अगर आप नारियल पानी पीते हैं तो इससे कोई मसला नहीं है, लेकिन रोजाना या अत्यधिक मात्रा में पीने से प्रॉब्लम हो सकती है। इसकी वजह से किडनीज पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे वे कमजोर हो सकती हैं।
तो अगर आपको कोई ऐसी प्रॉब्लम है जिसमें किडनी की फंक्शन डिस्टर्ब हो रही है या फिर अगर आपको कोई डायरिट दवाइयां चल रही हैं जिससे आप पेशाब ज्यादा लाते हैं, तो आपको नारियल पानी का इस्तेमाल बहुत ही सोच समझ के करना चाहिए।
हो सकता हे इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस
आप लोग जानते ही हैं कि नारियल पानी, नेचुरल रूप से पोटेशियम से भरपूर होता है, जो कि नॉर्मल स्थिति में हमारे लिए अच्छा होता है। लेकिन कुछ ऐसी सिचुएशंस भी होती हैं जिनमें यह नुकसानदेह हो सकता है। जब हम नारियल पानी का सेवन ज्यादा मात्रा में करने लगते हैं, तो उसकी वजह से हमारी बॉडी में पोटेशियम का लेवल धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपर कलीमिया कहते हैं।
यह खास करके उन लोगों के लिए प्रॉब्लेम हो सकता है जिनकी किडनीज कमजोर है या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है। दरअसल, हमारी किडनीज ही वो ऑर्गन होती हैं जो ब्लड में से एक्स्ट्रा पोटेशियम को फिल्टर करती हैं। इसलिए, जब बॉडी में पोटेशियम बढ़ता है, तो इन्हें ज्यादा काम करना पड़ता है, और ज्यादा लोड इनके ऊपर आ जाता है।
रिसर्च बताती है कि अगर किडनी सही से काम नहीं कर रही हो, तो हाई पोटेशियम से हार्ट रेट और रिदम दोनों ही चीजें बिगड़ सकती हैं, जो एक सीरियस कंडीशन भी होती है।
नारियल पानी बढ़ा सकता हे आपका ब्लड प्रेशर
नारियल पानी का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि यह ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है, लेकिन यह हर किसी के लिए उतना ही फायदेमंद नहीं होता है।
रिसर्च के अनुसार, नारियल पानी में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन यदि आप पहले से ही दवाइयाँ ले रहे हैं, तो यह आपके लिए असुरक्षित हो सकता है। अधिकतम मात्रा में यह हाइपोटेंशन का कारण बन सकता है, जो हाई ब्लड प्रेशर की तरह हानिकारक हो सकता है। इसलिए, यदि आप ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ ले रहे हैं या आपका ब्लड प्रेशर कम है, तो नारियल पानी का सेवन करने से पहले ध्यान से सोचें।
नेचरल शुगर से भरपूर होता हे कोकनट वाटर
नारियल पानी में नेचुरली जो शुगर होता है, वो काफी कम होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी लो होता है। यह सुनने में तो हमें काफी अच्छा सा लगता है, डायबिटिक फ्रेंडली लगता है, लेकिन हर रोज इसका अगर आप अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, खास तौर से अगर आप डायबिटिक पेशेंट हैं, तो ऐसे केस में आपके शुगर लेवल्स को ये प्रभावित कर सकता है। तो ऐसे में आपको एक दिन में एक कोकोनट से ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए। और वह भी जो कोकोनट होना चाहिए, वह बिना मलाई वाला होना चाहिए। उसकी मलाई आपको नहीं खानी है।
हाइपरकलेमिया का बढ़ सकता हे खतरा
हाइपरकलेमिया, यानी बॉडी के अंदर जो पोटेशियम होता है, उसकी क्वांटिटी का जरूरत से ज्यादा बढ़ जाना। आमतौर पर हमारे जो गुर्दे होते हैं, किडनीज होती हैं, ये पोटेशियम को फिल्टर कर देती हैं। लेकिन कभी-कभी अगर गुर्दे कमजोर हैं या किसी बीमारी की वजह से या फिर कई बार ज्यादा नारियल पानी पीने की वजह से से पोटेशियम का स्तर खून के अंदर बढ़ सकता है। इसके सिमटम्स में शामिल होते हैं कमजोरी हो जाना, दिल का धकधक करके चलना, जिसे कि पल्पिटेशन कहते हैं, और वर्स्ट केस सिनेरियो में दिल की धड़कन का बिगड़ जाना, जो कि एक गंभीर समस्या भी हो सकती है। और हां, एक बहुत ही रेयर लेकिन बहुत ही सीरियस कंडीशन भी इसकी वजह से हो सकती है, जिसे कहते हैं फ्लक्सिड पैरालिसिस, जो कि मसल्स के कमजोर होने की वजह से या सुन होने की वजह से होता है।